चिंतामणि राज्य और राजकुमार दयावीर - भाग 4 | hindi kahaniya
भाग 4 - बहन के भेष में जलन और रात के सफर का षड्यंत्र 1. शादी के बाद खुशी और एक दिल में जलन राजकुमार दयावीर और राजकुमारी कुमारी की शादी के बाद चारों तरफ खुशियाँ ही खुशियाँ थीं। चिंतामणि राज्य, वैय्यार राज्य और सारे पड़ोसी देश जश्न मना रहे थे। ढोल-नगाड़े , साईं सुनाई , बाजा बजंतरी बज रहे थे, प्रजा खुश थी। मगर एक दिल था जिसमें यह खुशी और यह शोर बर्दाश्त के बाहर था। और वह कोई और नहीं, राजकुमारी कुमारी की सगी बड़ी बहन कामिनी थी। कुमारी की जिंदगी को देखकर कामिनी को बहुत जलन होने लगी थी। बहन होने के नाते उसका महल में आना-जाना लगा रहता था। दयावीर का प्रेम, उनका स्नेह भरा व्यवहार देखकर कामिनी अंदर ही अंदर उस पर मोहित होने लगी। लगे दिल कामिनी राजकुमार दयावीर को चाहने लगी थी। उसके मन में अब प्यार नहीं, कपट और छल उमड़ने लगा था। वह बार-बार किसी न किसी बहाने से राजकुमार के करीब आने की कोशिश करती रही। पर कुमारी चाहे कितनी भी होशियार, निडर और धैर्यशाली क्यों न हो, अपनी दीदी के प्यार में वह अंधी थी। उस पर उसको बहुत भरोसा था। उसे कभी सपने में भी नहीं लगा था कि उसकी अपनी दीदी ही उसकी खुशी से जलन रखे...