दी स्ट्रीट लाइट भाग 1 THE STREET LIGHT
डिस्क्लेमर : यह कहानी सिर्फ और सिर्फ मन और सोच से लिखी गई है इसमें जो पात्र और सन्निवेशकाएं है वो सिर्फ मनघड़ंत है इस कहानी का किसी के नाम से या जिंदगी या किसी भी चीज से कोई भी निजी तालुक नहीं है निराशा में एक नवजवान जिंदगी यह कहानी है रघुपति राघव राजा राम की जो थालूर पंचायत में रहता है ! मां बचपन में गुजर गई और पापा खेती किसानी करते है अकेला लड़का और "माता पिता" न होने के कारण राजा राम के पापा अपने ससुराल में ही अपना घर खेत सब वही लेकर अपनी जिंदगी का बसेरा कर रहे थे और उसी तरह राजा राम भी अकेला ही बेटा था मां न होने के कारण उसके पिता ने उसे बहुत " लाड प्यार " से पाला पर राजा राम थोड़ा दिमाग से ज्यादा नहीं थोड़ा सा अनाड़ी होने के कारण 9वीं से ज्यादा पड़ नहीं पाया मगर राजा राम का सपना था सिर्फ और सिर्फ इंडियन आर्मी में जाना सन 2002 था तो उम्मीद थी क्योंकि उस समय 9वीं में भी भर्तियां होती थी राजा राम : पिताजी मुझे मिलिट्री ( भारतीय सेना ) से जाना है पिताजी: नहीं बेटा राजा राम तुम मेरे एक लौते...