पुरानी संदूक (Part 2)
अस्वीकरण: यह कहानी पूरी तरह काल्पनिक है। इसका उद्देश्य किसी को ठेस पहुंचाना नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर 'इज़ी मनी' (Easy Money), ऑनलाइन सट्टेबाज़ी और डिजिटल घोटालों के प्रति युवाओं में जागरूकता फैलाना है। लेखक किसी भी अवैध गतिविधि का समर्थन नहीं करत
1. रास्ते का भूतिया संदूक और 'झिंगू रे अकरामाद!'
रानी और थानी उस पेटी को, जब झिंगा और भिंगा आने वाले होते हैं, तब इस पेटी को रास्ते में रख देते हैं। अपने झिंगा और भिंगा आराम से गाना गाते हुए आते रहते हैं। तभी झिंगा के पैर में वो संदूक टकराती है। तब झिंगा बोलता है:
झिंगा : "ओरिरिरि रे भिंगा देख तो भाई ये यहाँ क्या पड़ा है"
भिंगा ने अपनी आँखें मटकाईं और अंधेरे में उस अजीब सी पेटी को घूरने लगा। रात के सन्नाटे में वह संदूक सचमुच डरावना लग रहा था।
भिंगा : "भाई ई क्या है अचानक यहाँ दादारे ओओोर्र ओओोर्र भूतिया संदूक लग रहा है भाई थुर्रर्र थुर्रर्र"
झिंगा : "अब क्या करे भाई"
भिंगा : "ये तो आफत है भइया हो"
ये बोलके भिंगा ने थोड़ा टच किया तो... संदूक का ताला थोड़ा सा चमका! उस ज़ंग लगे प्राचीन ताले से अचानक रोशनी की एक अजीब सी लकीर फूटी। अंधेरे में उस ताले को अचानक चमकता देख भिंगा डर के मारे चीख पड़ा:
भिंगा : "झिंगू रे अकरामद"
झिंगा : "भागो रे .........."
2. संदूक का प्राचीन रहस्य
ये सब देख कर रानी थानी बहुत हँसते हुए संदूक लेकर घर चले गए और घर जाकर वो दोनों रात भर हँसने लगे। दोनों बहनें हँसते-हँसते लोटपोट हो रही थीं। फिर रानी अचानक गंभीर हो गई।
रानी : "अरे रुक एक मिनट"
थानी : "क्या हुआ तूने देखा वो थाला चमका था"
थानी : "अरे हा इसे कैसे हम नजर अंदाज कर दिए हा हुआ था मतलब ?"
रानी : "हा मतलब ?"
थानी : "हान तो मतलब साफ है संदूक सिर्फ वही खोल सकता है"
थानी : "संदूक को पलट तो"
रानी : "हा इसमे क्या लिखा है"
बानी : "इसने कुछ ringa inga inga ...... Banga bunga bhu re manga manga लिखा है"
थानी : "मतलब क्या है इसका"
रानी : "ये un लोगो का वो गाने से mel खा रहा है जो वो लोग घर आते वक़्त गाते है"
रानी : "इसका मतलब सिर्फ वही लोग खोलेंगे इसको समझो ये एक प्राचीन भाषा में में लिखा है जिसको वो लोग अनजाने में गाना बना कर गा रहे है"
थानी : "अरे तो मतलब क्या है इसका"
रानी : "इसका मतलब ये है 2 दोस्त जो कभी किसका बुरा नहीं किए हो और उनको इस दुनिया से कोई मतलब ना हो और वो लोग इस मंत्र को बार बार बोलकर इसे जगाया हो"
रानी : "तो मतलब उन दोनों ने इसको जगाया है"
थानी : "हो सकता है"
3. संदूक का खुलना और दोनों कौवों काखतरनाक
फिर अगले दिन रानी और थानी ने उस संदूक को फिर से वही रख दिया। फिर इस बार:
झिंगा : "अरे भिंगा अब बहुत हो गया इसका ये फिर से आ गया"
भिंगा : "चल भाई उठा इसको"
फिर दोनों उस संदूक को उठा कर अपने घर ले जाते हैं। वहाँ जाकर दोनों मिलकर उसपर हाथ जैसे लगाए वैसे ही ताला खुल गया! वहीं पर खड़ी रानी थानी दोनों देख रही थी जैसे ही ताला खुला वैसे ही वो दोनों भी अंदर चले गए। अचानक राजकुमारियों को अपने सामने देखकर झिंगा और भिंगा दंग रह गए।
रानी , थानी : "जhinga भिंगा तुम लोगो ने कर दिखाया"
झिंगा , भिंगा : "तुम लोग यहाँ क्यों आए हो और उस संदूक से तुम्हारा क्या नाता है"
तब रानी और थानी ने सारा किस्सा बताया। इतने में उस संदूक से दो कौवे निकले एक था काला और एक सफेद कौआ। सब देख कर दंग रह गए।
सफेद कौवे का नाम था धनरक्षायनी और काले कौवे का नाम था दरिरक्षायनी।
और ये एक किस्सा पुराना रानी और थानी के परदादा इनको एक रहस्यमयी जंगल से लेकर आए थे वहाँ जहाँ उनके परदादा अनजाने में चले गए थे। उन्होंने सोचा कि ये कुछ खास है पर दरअसल ये उल्टा था। जो भी इसको खोलता था वो धनरक्षायनी सफेद कौवे को धन की देवी सोच कर धन मांगता और काले कौवे को दरिद्र देवी मान कर उसे नज़रअंदाज़ कर देता। और वहीं पर सफेद कौआ जो असल में दरिरक्षायनी थी, उल्टी मांग की वजह से जो भी सफेद कौवे से मांगता था वो मर जाता था। और काले कौवे धनरक्षायनी रूप और नाम से धनरक्षायनी होने के कारण कोई नहीं पहचान पाता था, तो ये था उस संदूक का रहस्य।
4. 'इज़ी मनी' के शॉर्टकट का कड़वा सच और सदा की बंदिश
फिर रानी के परदादा ने इस नॉर्मल करते हुए ताला लगा दिया था, ताकि यह खतरनाक मायाजाल दुनिया को बर्बाद न कर सके। पर हर चीज़ का एक उसूल होता है, वैसे ही इस संदूक का एक उसूल था कि ये संदूक को अगर कोई बंदिश कर देता है तो कभी किसी से नहीं खुलती। अगर वो संदूक को कोई पसंद आ जाए और अगर खुलना चाहे तो वो अपने पसंद से अपना मालिक चुनती है। यही वजह थी कि झिंगा और भिंगा को संदूक ने नहीं चुना बल्कि उनके बेफ़िक्र और साफ़ किरदार को चुना था। अब झिंगा और भिंगा, रानी और थानी के सामने उस रात कई सालों का सवाल और राज़ सामने था और सब कुछ झिंगा और भिंगा के ऊपर निर्भर था।
पर जाने और अनजाने में झिंगा और भिंगा ने, सफेद कौवे ने जब बाहर आकर पूछा:
सफेद कौआ : "झिंगा और भिंगा हमारे संदूक के मालिक हम आपके है और आपको जो चाहिए मुझसे मांगिए मै हूँ धनरक्षायनी"
और ये दरिरक्षायनी (काला कौआ) भी वहीं था।
झिंगा और भिंगा : "क्या दे सकते हो"
धनरक्षायनी : "जो तुम मांगो वो duniya ki apaar sampathi"
फिर झिंगा और भिंगा ने साफ़-साफ़ मना कर दिया।
सफेद कौआ : "Aysa kyo mouka tum दोनों के सामने है mango जो मांगना है"
तब फिर से उन्होंने मना कर दिया। धनरक्षायनी को यह बात मुंह पर मना करना बिल्कुल पसंद नहीं आई और उड़ कर भाग गई। और फिर बाद में दरिरक्षायनी जो असल में अच्छी थी वो उस संदूक में फिर से कैद हो गई हमेशा के लिए। यह सब देखकर रानी और थानी हैरान रह गईं। वे तुरंत झिंगा-भिंगा के पास आईं।
रानी , थानी : "ये क्या किया तुम दोनों ने जो मौका था उसे गवा दिया कम से कम हम दोनों को तो मौका दिया होता"
झिंगा , भिंगा : "सुनो ये जो तुम कह रही हो ये गलत है देखो जो उड़ गया है वो दुनिया का सबसे मकरार बनेगा उसे बढ़ावा ना देना ही सही था देखो ऐसा कुछ होता तो तुम्हारे परदादा इन्हें ऐसे संदूक में कैद नहीं रखते बात को समझो"
रानी , थानी : "तो वो क्या था जो उड़ गया"
झिंगा , भिंगा : "वो सफेद कौआ एक छुपा हुआ राज़ है"
रानी : "कैसा राज़ और क्या राज़"
झिंगा और भिंगा : "वो सफेद कौआ जो खुद को धन की देवी बोला था वो असल में एक झांसा है जो कल को जाके बहुत बड़ा धोखा बनने वाला है। ये काला कौआ कल की पीढ़ी में सोशल मीडिया पर इजी मनी के नाम से हर जगह अपना अपना नाम चलाएगा और जो भी इसके झांसे में आएगा ये उसकी जिंदगी और कमाई खाकर और क्रूर और बड़ा बन जाएगा। उस वक़्त कोई भी हमारे जैसे मना करने वाला होगा ही नहीं, सबको अपनी अपने लोभ की चिंता होगी और फंसते रहेंगे और ये और लालच देगा। कभी बोलेगा यहाँ पे बैटिंग लगाओ तुम्हारा पैसा डबल और वहाँ डालो 1000% बोनस और लोग फंसते जाएंगे। दोस्ती के नाम पर मोह दिखाएगा, ये हर जगह घुस जाएगा, हर रील्स में यही रहेगा। अच्छे अच्छे लोगों को भी अश्लीलता दिखा कर फंसाएगा। मोह माया दिखाना लोगों को सोशल मीडिया पर झूठे और पैसा कमाओ घर बैठे बैठे कॉपी पेस्ट का वर्क, मल्टी लेवल मार्केटिंग बोलकर विज्ञान दिखा दिखा कर फंसाएगा। ये ही है दुनिया का सच लोग अब इसके चक्कर में फंस कर और अंधे होते जाएंगे और फंसते जाएंगे। नाम के लिए डिग्री कमाएंगे मगर उससे का कोई mole नहीं होगा, सबको फोकट का पैसा चाहिए होगा। मेहनत छोड़कर वो इसी धनरक्षायनी को मानेंगे जो सफेद के रूप में छुपा काला क्रूर है।"
रानी , बानी : "पर इसका क्या जो संदूक बंद हो गया"
झिंगा और भिंगा : "इसका मत पूछो पढ़ने वालों को सब पता है अच्छाई और सच्चाई किसी को पसंद नहीं है इसी लिए इस संदूक को बंद हो रहने दो"
इतना कहकर उन्होंने संदूक का भारी ढक्कन गिरा दिया। वह रहस्यमयी संदूक हमेशा-हमेशा के लिए बंद हो गया। झिंगा और भिंगा अपनी उसी पुरानी बेफ़िक्री की ज़िंदगी में वापस लौट गए।
Comments
Post a Comment