LAST CIGARETTE (लास्ट सिगरेट) - भाग 2
अस्वीकरण: यह कहानी पूरी तरह से काल्पनिक (Fictional) है, जिसका उद्देश्य केवल पढ़ने वाले का मनोरंजन करना है। इस कहानी में दिखाए हुए पात्र, प्लेसिस (इमादिचेरुवु स्टेशन) और घटनाएं लेखक की कल्पना का हिस्सा हैं। इसका किसी भी जीवित या मृत व्यक्ति, या वास्तविक घटना से कोई सीधा संबंध नहीं है। यह कहानी किसी भी अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देती है। स्टेशन या ट्रेन में धूम्रपान (Smoking) करना कानूनन अपराध है और यह स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक है।
एक पागल प्रेमिका और वो आखिरी चेतावनी
वह लड़की आज भी उसी पुराने भ्रम और एक धुंधली सी उम्मीद के सहारे अपनी जिंदगी के दिन काट रही है कि उसका खोया हुआ प्यार एक दिन उसी खौफनाक प्लेटफॉर्म पर वापस लौटकर आएगा। वह दिन-रात पागलों की तरह उसी डरावने इमादिचेरुवु रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर हाथ में एक बड़ा सा सफेद रंग का बोर्ड लेकर घूम रही है। उस बोर्ड पर लाल और काले रंग के बड़े-बड़े अक्षरों में एक दिल दहला देने वाली चेतावनी लिखी है
— "STOP SMOKING IN RAILWAY STATION, OTHERWISE IT WAS YOUR LIFE'S LAST CIGARETTE"
(रेलवे स्टेशन पर सिगरेट पीना बंद करो, वरना यह तुम्हारी जिंदगी की आखिरी सिगरेट होगी)। वह लड़की अब पूरी तरह से अपना मानसिक संतुलन खो चुकी है और बस अपनी ही एक अलग धुन में जिंदगी।काट रही है। वह वहां आने-जाने वाले हर एक पैसेंजर को बीच रास्ते में रोककर, उनके सामने हाथ जोड़कर रोती-बिलखती और पागलों की तरह अपनी जिंदगी की सबसे दर्दनाक कहानी सुनाकर लोगों के बीच एक अवेयरनेस जगाने की कोशिश करती है। वह सबको रुंधे हुए गले से बताती कि कैसे कल उसकी शादी होने वाली थी, उसके घर में शहनाइयां बजने वाली थीं, लेकिन सिर्फ एक रात में, सिगरेट की एक छोटी सी चिंगारी की वजह से उसकी पूरी जिंदगी हमेशा-हमेशा के लिए उजड़ गई। वह वहां प्लेटफॉर्म में बैठकर उस रहस्यमयी काले साये का भी इंतजार कर रही है, क्योंकि उसने अपने दिल में यह पक्का ठान लिया था कि अगर वह इस दुनिया को छोड़कर जाएगी, तो सिर्फ और सिर्फ अपने प्यार के साथ ही जाएगी।
'द लास्ट सिगरेट' का सोशल मीडिया पर मजाक
धीरे-धीरे समय निकलता गया और इमादिचेरुवु प्लेटफॉर्म नंबर 1 की यह भयानक डर और उस पागल लड़की की दर्दभरी कहानी सिर्फ उस छोटे से गांव तक limited नहीं रही, बल्कि दर्द से भरी हुई कहानी दुनिया के इंटरनेट पर छा गई। 'The Last Cigarette' का नाम सोशल मीडिया पर एक ऐसा. आंधी बन चुका था जिसने सबको हैरान कर दिया था। दुनिया भर के बड़े-बड़े न्यूज चैनल्स, अखबार, पूरा इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स दिन-रात सिर्फ इसी खौफनाक सब्जेक्ट पर चर्चा कर रहे थे। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर इस 'लास्ट सिगरेट' के नाम पर रोज हजारों की तादाद में नई-नई रील्स और वीडियोज बनने लगी थीं। जहां कुछ समझदार लोग इस बात को लेकर बेहद गंभीर थे और स्टेशन के उस हिस्से में जाने से डरते थे, वहीं दूसरी तरफ कुछ ऐसे भी लापरवाह लोग भी थे जो इसे सिर्फ एक बनी बुनाई और झूठी कहानी मानकर सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स पाने के लिए इसका जमकर मजाक उड़ा रहे थे। दुनिया भर के लोगों के लिए उस स्टेशन का असली खौफ अब महज एक ऑनलाइन मनोरंजन और तमाशा बनकर रह चुका था
लापरवाही, मजाक और मौत को बुलावा
एक दिन दोपहर के ढलते ही कुछ बेहद बेपरवाह, घमंडी और मनचले लड़के उसी भयंकर प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर आ खड़े। उनकी नजर में यह सब सिर्फ इंटरनेट पर मशहूर होने और अपनी रील्स पर मिलियन व्यूज पाने की एक झूठी और मनगढ़ंत कहानी थी। वो लोग हाथ में आईपैड और मोबाइल कैमरे लिए सीधे उसी जगह आ पहुंचे जहां वह बदनसीब लड़की अपना 'लास्ट सिगरेट' वाला बोर्ड सीने से लगाए अकेली गुमसुम बैठी थी। लड़कों ने कैमरे ऑन किए और अपनी रील्स की शूटिंग शुरू करने की तैयारी करने लगे। तभी उनमें से एक लड़के ने बड़े ही घमंड के साथ अपनी जेब से एक सिगरेट का पैकेट और माचिस बाहर निकाली। जैसे ही उस लड़की की सूनी नजरें उन लड़कों पर पड़ीं, वह कांपते हुए कदमों से दौड़ती हुई उनके पास आई और दोनों हाथ जोड़कर बोलने लगी। इसके बाद वहां उनके बीच जो कुछ भी बातचीत हुई, उसने मौत के रास्ते को लाइव ऑन-कैमरा खोल दिया:
लड़की (रोते हुए): यहाँ सिगरेट मत जलाओ, यह सिगरेट जलाना सख्त मन है.. वरना ये तुम लोगों की जिंदगी की आखिरी सिगरेट होगी! मत जलाओ सिगरेट !
पहला लड़का (हंसते हुए): ऐ चल हट पागल लड़की! साइड हो जा, हमें अपना काम करने दे। ये सब मनगढ़ंत कहानी है, इसमें कोई सच्चाई-वच्चाई नहीं है। हमें मत सिखा!
लड़की (फूट-फूटकर रोते हुए): मेरी बात मानो भाइयों... यह कोई कहानी नहीं है। मैंने खुद अपनी इन आँखों से यहाँ तड़पते हुए अपना प्यार खोया है! वह साया सबको निगल जाता है!
दूसरा लड़का (जोर से ठहाका लगाते हुए): अरे जा ना हवा आने दे! कौन सा साया? वो तुम्हारा बॉयफ्रेंड किसी और लड़की के साथ भाग गया होगा तुम्हें पागल बनाकर! और तुम यहाँ फालतू का ड्रामा मत करो !
इतना बोलते ही वो सारे के सारे लड़के एक साथ जोर-जोर से "हाहाहाहा... हाहाहाहा" करके हंसने लगे और उस लड़की की लाचारी और उसके आंसुओं का सरेआम मजाक उड़ाने लगे। उस लड़की ने इसके बाद आगे एक शब्द भी नहीं बोला, वह बस पीछे हट गई और रोते हुए पटरियों की तरफ देखने लगी। वहां आस-पास जो थोड़े बहुत पैसेंजर्स थे, वो भी आने वाले भयानक खतरे को नापकर डर के मारे वहां से तुरंत भाग गए। बदकिस्मती की हद तो यह थी कि उस वक्त प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर कोई आरपीएफ का जवान या स्टेशन मास्टर भी मौजूद नहीं था। पूरा प्लेटफॉर्म एक डरावने माहौल में था।
कैमरे का 'रोलिंग एक्शन' और खूनी छलांग
उधऱ, उन लड़कों ने अपना कैमरा पूरी तरह से रोलिंग मोड पर सेट कर दिया था। जैसे ही कैमरे के पीछे खड़े डायरेक्टर बने लड़के ने हवा में हाथ हिलाकर जोश में कहा—"कैमरा... रोलिंग... एंड... एक्शन!"... वैसे ही फ्रेम के बीच में खड़े सिगरेट वाले लड़के ने बड़े ही स्टाइल से अपनी जेब से माचिस की डिब्बी निकाली, उसमें से एक तीली निकाली और उसे डिब्बी के ऊपर जोर से घिस दिया। जैसे ही उस सुनसान अंधेरे को चीरती हुई माचिस की पीली चिंगारी सुलगी... ठीक उसी पल, पटरियों के ठीक बीच के लोहे के जॉइंट्स अजीब सी आवाज के साथ अलग हो गए और वहां से वो खौफ से भरा हुआ, डरावना काला साया बिजली की कड़क से भी तेज रफ्तार में ऊपर की तरफ हवा में निकला। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता या अपनी जगह से हिल ही पाता, उस भयानक साये ने पलक झपकते ही सिगरेट हाथ में लिए उस लड़के के सिर के बाल अपने मजबूत पंजों में धर लिया और उसे पूरी ताकत से घसीटते हुए नीचे पटरियों की तरफ खींचने लगा। लड़के के हाथ में कैमरा और माचिस छूटकर नीचे गिर गए, उसकी रील्स बनाने की वो घमंडी हंसी सेकंड भर में एक दिल दहला देने वाली चीख में बदल गई। लेकिन उस अदृश्य बला ने एक ही झटके में उसे पटरियों के भीतर खींच लिया। बाकी के लड़के अपने दोस्त को इस तरह गायब होते देख डर के मारे पागलों की तरह चिल्लाते हुए उल्टे पैर स्टेशन के बाहर की तरफ भाग खड़े हुए। लेकिन इस बार कहानी में वो होने वाला था जिसकी कल्पना इतिहास में कभी किसी ने नहीं की थी। वह पागल प्रेमिका इसी एक पल के इंतजार में पिछले कई महीनों से अपनी जान हथेली पर रखकर वहां बैठी थी। जैसे ही उस काले साये ने लड़के को नीचे खींचा और पटरियों के बीच का वह रहस्यमयी और डरावना रास्ता कुछ सेकेंड्स के लिए खुला ... वैसे ही उस लड़की ने बिना एक पल भी को भी वेस्ट किए या सोचे, एक जोरदार झटके के साथ पटरियों के उस खौफनाक और गहरे अंधेरे कुएं के अंदर छलांग लगा दी!
250 मीटर नीचे पाताल का खंडहर
पटरियों के उस बेहद संकरे और घुटन भरे रास्ते से तेजी से नीचे गिरते हुए, वह लड़की सीधे जमीन के अंदर करीब 250 मीटर नीचे जा गिरी। इतनी ऊंचाई से गिरने के बावजूद उसे चोट तक नहीं लगी, लेकिन वहां नीचे का जो खौफनाक माहौल उसकी आंखों के सामने था, उसे देखकर किसी भी जिंदा इंसान की रूह कांप जाती। पटरियों के ठीक नीचे, पाताल के उस घने अंधेरे में एक बेहद पुराना, जर्जर, डरावना और विशाल खंडहर बना हुआ था, जो सदियों से इंसानी दुनिया से छिपा हुआ था। वहां चारों तरफ से सड़न, मांस और मौत की असहनीय बदबू आ रही थी। उस अंधेरे और खौफनाक खंडहर में जैसे ही उस लड़की ने अपने कदम आगे रखे, उसके पैरों के नीचे सूखी हुई इंसानी हड्डियां कड़कड़ाकर टूटने लगीं। वहां चारों तरफ अनगिनत इंसानी खोपड़ियां, हाथ-पैर के कंकाल और हड्डियों के बड़े-बड़े ऊंचे ढेर बिखरे पड़े थे। यह उन सब बदनसीब लोगों के कंकाल थे जो पिछले कई सालों में उस इमादिचेरुवु स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर सिगरेट पीते हुए गायब हुए थे। तभी उस लड़की की धुंधली नजर खंडहर की विशाल पथरीली दीवारों पर पड़ी, जहां काले और सूखे हुए खून से बड़े-बड़े अक्षरों में एक खौफनाक और परालौकिक चेतावनी लिखी हुई थी
— "IT'S YOUR LAST CIGARETTE, IF YOU ARE A SMOKER I WILL EAT YOU!"
लड़की ने जब गौर से सामने अंधेरे गुफा के मुहाने पर देखा, तो उसे समझ आया कि वह कोई मामूली भूत, प्रेत या भटकती हुई आत्मा नहीं थी, बल्कि वह एक विशालकाय, खूंखार और भयानक दानव था। वह कोई परछाई नहीं, बल्कि मांस और हड्डियों से बना एक साक्षात राक्षस था, जिसे दानव लोक से यह कड़ा नियम और अधिकार मिला था कि जो भी इंसान धरती पर स्मोकिंग करेगा, वह उसे अपनी मर्जी से जिंदा चबा जाएगा। पाताल लोक से सजा पाकर निकाले जाने के कारण इस दानव ने इमादिचेरुवु प्लेटफॉर्म नंबर 1 के नीचे के इस हिस्से को अपना स्थाई घर और शिकार करने का मुख्य ठिकाना बना लिया । लड़की अपनी सांसें रोककर कोने में बैठ गई। उसने अपनी आंखों से देखा कि उस दानव ने अभी-अभी ऊपर से खींचे गए उस रील बनाने वाले लड़के को एक ही बड़े झटके में अपने बड़े से मुंह में साबुत निगल लिया। लड़के की हड्डियां चबाने की आवाजें उस पूरे खंडहर में गूंजती रही। यह भयानक मंजर देख कर वह लड़की अंदर से पूरी तरह सदमे में चले गई कुछ देर के लिए । वह डर के मारे bilbilati, रोती और हांफती हुई उस विशाल खंडहर की भूलभुलैया में छुप-छुप कर पागलों की तरह अपने खोए हुए प्रेमी को ढूंढने के लिए आगे बढ़ती रही।
16 सोमवार के व्रत की ताकत और अटूट प्रेम
उस खौफनाक खंडहर की अंधेरी और ठंडी खंडर में कई घंटों तक मौत के साये के बीच छुपते-छुपाते भटकने के बाद, अचानक लड़की की नजर एक बहुत बड़े काले पत्थर के खंभे पर पड़ी। वहां कोने में उसे आखिरकार वो मिल ही गया जिसकी तलाश में वह महीनों से पागलों की तरह तड़प रही थी— उसका अपना मंगेतर, उसका प्रेमी! वह मरा नहीं था, बल्कि दानव लोक की भारी-भारी, सुलगती हुई और मोटी लोहे की काली जंजीरों से बुरी तरह बंधा हुआ था। अपने प्यार को इस बदहाल स्थिति में जिंदा देखकर लड़की अपनी जान की परवाह किए बिना दौड़ती हुई गई और उसके सीने से लिपटकर फूट-फूट कर रोने लगी। वह पागलों की तरह रो रही थी और तड़प रही थी। जैसे ही उसकी पवित्र और सच्चे प्यार के नरम आंसू उन दानव के जंजीरों के ऊपर पड़े, वैसे ही पाताल के उस खंडहर में एक बहुत बड़ा दैवीय चमत्कार हुआ! जंजीरों से तेज सफेद धुआं निकलने लगा और वो दानवी जंजीरें पल भर में खुद-ब-खुद पिघल कर और टूटकर जमीन पर गिर गईं! उसका प्रेमी अब पूरी तरह से आजाद हो चुका था। असल में, वो खूंखार दानव उस लड़के को कैद करने के बाद भी इतने महीनों से मार कर खा नहीं पाया था, क्योंकि उस लड़के की जान के आगे उस लड़की का निस्वार्थ और सच्चा प्यार, उसके मन का अटूट इच्छा भाव और भगवान शिव के लिए रखे गए उसके सोलह सोमवार के कठिन व्रत की असीम और पवित्र शक्ति एक ढाल बनकर खड़ी थी। उस दैवीय और आध्यात्मिक शक्ति के सामने उस आदमखोर दानव का बड़ा सा मुंह पूरी तरह से बंधा रह गया था और वह चाहकर भी उस लड़के का एक बाल भी बांका नहीं कर सका ।
निष्कर्ष: क्या यह आपकी आखिरी सिगरेट है?
वह लड़की आज अपने प्रेमी को मौत के साक्षात कुएं से और दानव के मुंह से सही-सलामत वापस छीनकर अपनी नई जिंदगी में बहुत खुश है और दोनों एक सुरक्षित जगह पर अपनी जिंदगी बिता रहे हैं। लेकिन दोस्तों, यह खौफनाक कहानी यहीं पर खत्म नहीं हुई है... वह आदमखोर और सिगरेट से नफरत करने वाला दानव आज भी इमादिचेरुवु रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 की पटरियों के नीचे उसी पाताल के खंडहर में जिंदा है। उसे सिगरेट और उसके धुएं से आज भी उतनी ही नफरत है। आज भी, अगर कोई अनजान मुसाफिर उस रेलवे स्टेशन पर या वहां से गुजरने वाली किसी भी ट्रेन की खिड़की पर बैठकर माचिस की तीली जलाता है या सिगरेट जलाता है, तो वह दानव पलक झपकते ही ऊपर आता है और उसे चुपचाप अपनी पाताल की दुनिया में खींचकर हमेशा के लिए जिंदा चबा जाता है। तो अगली बार, अगर आप भी किसी सुनसान रेलवे स्टेशन या ट्रेन के टॉयलेट में खड़े होकर चुपके से सिगरेट जलाने की सोच रहे हैं... तो अपनी उंगलियों को रोक लीजिए और संभल जाइए! क्योंकि क्या पता, हवा में उठने वाला वह धुआं आपके जीवन की
'THE LAST CIGARETTE'
साबित हो, और अगला नाम उस स्टेशन से हमेशा के लिए गायब होने वालों की लिस्ट में 'THE MISSING SOMEONE' के रूप में सिर्फ और सिर्फ आपका हो!
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