द रोडसाइड रोमियो 3|Hindi thriller story,hindi suspance story
जतिन - Part 3: पापों का घड़ा
और सच्चे प्यार की वापसी
समंदर की लहरों में सारे निशान बह चुके थे, लेकिन कहते हैं ना, पाप का घड़ा एक दिन भरता जरूर है। जतिन को लगता था कि उसने सब कुछ बहुत चालाकी से छुपा दिया है, पर नियति ने इस खौफनाक खेल को खत्म करने के लिए एक पुराने और सच्चे प्यार का आगमन करा दी थी।
1. चांदनी रात में एक गवाह
उस रात आसमान में पूरा चांद खिला हुआ था। समंदर किनारे एक छोटी सी नाव में रवि नाम का एक लड़का बैठकर मछली पकड़ रहा था। वो कोई और नहीं, बल्कि जतिन और उसकी बहन अंजलि का बचपन का दोस्त था।
स्कूल के दिनों में अंजलि और रवि एक दूसरे को बहुत पसंद करते थे। दोनों के बीच सच्चा चुन्नू मुन्नू वाला इश्क था। लेकिन जब अंजलि के पिता की मौत हुई, उसके बाद से अंजलि ने खुद को सबसे अलग कर लिया। उसने दुनिया से नाता तोड़ लिया और रवि से भी बात करना छोड़ दिया। रवि ने उसे मनाने की बहुत कोशिश की, कुछ दिनों तक अंजली के आगे पीछे घूमता रहा पर अंजलि ने उसकी एक न सुनी।
उसी चांदनी रात में रवि ने देखा कि जतिन समंदर किनारे अपनी बोट से कुछ राख जैसा पानी में बहा रहा है। जतिन की ये अजीब हरकत देखकर रवि को बहुत अजीब और अलग तुलग लगा। उसे लगा कि जरूर कोई गहरी बात है जो अंजलि इतनी बदल गई है। सच जानने के लिए रवि ने जतिन पर नजर रखना शुरू कर दिया। वो समझना चाहता था कि आखिर इस परिवार में ऐसा क्या हुआ है।
2. फार्महाउस की खिड़की से दिखा सच
एक रात रवि हिम्मत करके चुप चाप से उनके सुनसान फार्म हाउस तक पहुंचा। उसने खिड़की से अंदर झांका तो अंदर का माहौल देखकर वो हैरान रह गया। अंदर जतिन और अंजलि बहुत ही अजीब और परेशान हालत में थे। उनका व्यवहार बिल्कुल सामान्य नहीं था।
रवि उस वक्त वहां से चुप चाप निकलना ही बेहतर समझा, क्योंकि उस हालत में उन्हें समझाना बहुत मुश्किल था।
रवि ने सोचा - "मैं अपने प्यार को इस हालत में नहीं देख सकता। ये जो कुछ भी कर रहे हैं, ये इनके हालातों की वजह से है। इन्हें सजा नहीं, बल्कि सही रास्ते और इलाज की जरूरत है।"
लेकिन एक दिन खिड़की की आवाज से जतिन को पता चल गया कि कोई उनकी जासूसी कर रहा है। उसने रवि को पहचान लिया। उसी रात जतिन गुस्से में सीधा रवि के घर पहुंचा। उसने रवि के साथ हाथापाई की और उसे बहुत डराया-धमकाया। उसे चोट भी पहुंचाई।
जतिन गुस्से में बोला - "तुम मेरी बहन का पहला और आखिरी प्यार हो, इसलिए आज तुम्हें जाने दे रहा हूँ। जो कुछ भी तुमने देखा है, उसे यहीं भूल जाओ, वरना अगली बार अंजाम बहुत बुरा होगा।"
जतिन के जाने के बाद रवि दर्द में था , पर उसने हार नहीं मानी। उसने मन ही मन सोचा - "मेरे लिए अपनी जान बचाने से ज्यादा जरूरी अंजलि को बचाना और उसे दोबारा जीना सिखाना है।"
3. एक गुब्बारे ने बदली जिंदगी
रवि ने एक अलग तरीका अपनाया। अगले दिन जब जतिन घर पर नहीं था, तो रवि ने एक बड़ा सा गुब्बारा लिया। उस पर उसने अपनी और अंजलि के बचपन की एक खूबसूरत फोटो चिपकाई और उस पर लिखा - "I AM SORRY, मुझे तुमसे बात करनी है।"
उसने उस गुब्बारे को हवा में फार्म हाउस की तरफ उड़ा दिया।
अंजलि ने जब उस गुब्बारे को देखा तो वो अपनी पुरानी यादों में खो गई। उसे वो दिन याद आ गए जब उसके पिता जिंदा थे और सब कुछ कितना अच्छा था। वो स्कूल के दिन, रवि के साथ बिताए हुए हर खूबसूरत पल उसे याद आने लगे। पुरानी यादों में खोकर अंजलि खुद रवि से मिलने चली गई।
अंजलि ने कहा - "क्या चाहिए तुम्हें, मेरा पीछा क्यों कर रहे हो?"
रवि ने बहुत प्यार से कहा - "मुझे सिर्फ एक आखिरी बार तुम्हारे साथ घूमने जाना है।"
रवि की आंखों में अपने लिए सच्चा प्रेम देखकर अंजलि अंदर से हिल गई। उसने कहा - "ठीक है, कल हम चलेंगे, लेकिन याद रखना, इसके बाद तुम मुझसे मिलने की कोशिश मत करना।"
कहते समय उसकी आंखों में नमी साफ दिख रही थी।
4. हिमालय में इलाज की उम्मीद
रवि का एक ही मकसद था - अंजलि को सुधारना। इसलिए अगले दिन वो अंजलि को अपने साथ हिमालय में स्थित एक बौद्ध आयुर्वेदिक केंद्र में ले गया। कहा जाता है कि वहां कई तरह की मानसिक परेशानियों का इलाज किया जाता है।
वहां एकांत जगह पर रवि ने अंजलि से बात की।
रवि ने अपना चोट लगा हुआ हाथ आगे किया और कहा - "अंजलि, देखो, मेरी इस छोटी सी चोट जो तुम्हारे भाई ने इसे देखकर तुम इतना रो रही हो। तो सोचो, जिन लोगों के साथ तुमने गलत किया, उनके परिवारों को कितना दुख हुआ होगा? मैंने सब देखा है, पर मैं तुम्हें सजा नहीं दिलाना चाहता, मैं तुम्हें बचाना चाहता हूँ।"
रवि की बातें सीधे अंजलि के दिल को छू गईं। अंजलि रो पड़ी और बोली - "I am sorry रवि, अब मुझे समझ आया कि मैं कैसी जिंदगी जी रही थी। अब मैं क्या करु ?"
रवि उसे वहां के डॉक्टर के पास ले गया। अंजलि ने डॉक्टर को अपनी पूरी कहानी सच-सच बता दी।
5. बीमारी का असली राज
डॉक्टर ने बताया कि ये सब बचपन की गलत परवरिश की वजह से हुआ है। बचपन में उन्हें जो अजीब और सेहत के लिए हानिकारक चीजें दी गई थीं, उसकी वजह से उनके दिमाग पर बहुत गहरा असर पड़ा था। इससे उन्हें एक बहुत ही दुर्लभ तरह की मानसिक परेशानी हो गई थी, जिसमें इंसान को गुस्सा और बेचैनी बहुत ज्यादा महसूस होती है।
डॉक्टर ने कहा कि इसका इलाज आयुर्वेद में संभव है। उन्होंने अंजलि को एक महीने तक अपनी देखरेख में रखकर उसका इलाज किया। इलाज के बाद अंजलि पूरी तरह से ठीक हो गई, उसकी सोच पूरी तरह बदल गई।
अंजलि के ठीक होने के बाद रवि ने अंजलि के फोन से उसका लाइव लोकेशन जतिन को भेजा। लोकेशन मिलते ही जतिन भागता हुआ हिमालय पहुंचा।
जतिन गुस्से में बोला - "तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरी बहन को यहां लाने की?"
अंजलि ने कहा - "रुको भैया, इनकी कोई गलती नहीं है, मैं खुद अपनी मर्जी से यहां आई हूँ।"
फिर अंजलि ने जतिन को अपनी बदली हुई जिंदगी और अपनी बीमारी का सच बताया। बहन की बातें सुनकर जतिन के अंदर का गुस्सा भी पिघल गया। रवि और अंजलि ने मिलकर जतिन को भी समझाया और वो भी एक अच्छा इंसान बनने के लिए तैयार हो गया।
6. कानून के सामने सरेंडर
इसके बाद वे सब वापस घर आ गए। उस रात फार्म हाउस में अंजलि और जतिन अपने किए हुए गुनाहों को याद करके बहुत रोए।
सुबह होते ही जतिन ने कहा - "मैं कल कोर्ट में जाकर सरेंडर करूंगा।"
अंजलि ने कहा - "गलती हम दोनों की थी, तो सजा भी हम दोनों साथ भुगतेंगे।"
दोनों ने जाकर कानून के सामने सरेंडर कर दिया। कोर्ट में रवि ने इलाज के सारे कागज और बौद्ध डॉक्टरों की गवाही पेश की।
कोर्ट ने कहा - "ये सच है कि जब उन्होंने ये गलत काम किए, तब उनकी मानसिक हालत ठीक नहीं थी। इसलिए इन दोनों को 1 साल के लिए स्पेशल मेंटल हेल्थ सेंटर में रखा जाता है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका सुधार और सुधारने का मौका दिया जाएगा।"
उस एक साल में जतिन और अंजलि ने न सिर्फ खुद को सुधारा, बल्कि वहां के 200 से ज्यादा मानसिक रूप से परेशान लोगों की सेवा की और उन्हें ठीक होने में मदद की।
एक साल बाद कोर्ट ने अंतिम फैसला सुनाया - "भले ही क्राइम के समय मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, फिर भी जुर्म बड़ा था। लेकिन कानून हर इंसान को सुधरने का मौका देता है। इसलिए जतिन को 20 साल और अंजलि को 8 साल की सजा सुनाई जाती है।"
8 साल बाद जब अंजलि बाहर आई तो उसने रवि के साथ एक नई और खूबसूरत जिंदगी शुरू की और जतिन भी जेल में सुधर कर एक अच्छा इंसान बन गया। इस तरह एक खौफनाक कहानी का अंत सच्चे प्यार और सुधार के साथ हुआ।
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