द रोडसाइड रोमियो 2|Hindi thriller story|full hindi suspance story
जतिन - Part 2: पब में नया
शिकार और एक और राजदार
पहले भाग में हमने देखा था कि कैसे मासूम दिखने वाला जतिन अपने दौलत के जाल में लोगों को फंसाता है। लेकिन इस रात उसकी कहानी में एक नया मोड़ आने वाला था, क्योंकि इस अंधेरे खेल में जतिन अकेला नहीं था।
1. पब में नया शिकार और रीता की एंट्री
एक रात जतिन शहर के एक बड़े और महंगे पब में गया। अंदर तेज म्यूजिक बज रहा था, लाइटें चमक रही थीं। उसने वहां जाकर अपनी पसंद की ड्रिंक ली और डांस फ्लोर के पास खड़ा होकर म्यूजिक का मजा लेने लगा।
तभी अचानक एक खूबसूरत लड़की उसकी तरफ आई। उसने स्टाइलिश कपड़े पहने हुए थे और उसके चेहरे पर एक अलग ही आत्मविश्वास था। वो जतिन के पास आकर मुस्कुराते हुए बोली, "हाय हैंडसम!"
जतिन भी मुस्कुराया और बहुत प्यार से अपना नाम बताया। उस लड़की ने अपना नाम रीता बताया। दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई। दोनों ने साथ में ड्रिंक ली और थोड़ी देर डांस फ्लोर पर डांस भी किया।
बातों-बातों में रीता ने अपनी निजी जिंदगी के बारे में बताना शुरू किया। उसने कहा, "मैं अपनी शादीशुदा जिंदगी से खुश नहीं हूं, मुझे अपनी लाइफ में कुछ नया चाहिए।" उसकी आंखों में एक अजीब सी बेचैनी और लालच से भरा व्यामोह था। जतिन ये सब बहुत ध्यान से देख रहा था। उसे लगा कि ये लड़की जल्दी ही उसकी बातों में आ जाएगी।
जतिन ने अपनी वही पुरानी ट्रिक इस्तेमाल की। उसने अपनी नई महंगी कार और अपने फार्महाउस के बारे में बताया। रीता उसकी बातों से बहुत प्रभावित हुई। जतिन ने कहा, "चलो, तुम्हें मेरी एक शांत जगह दिखाता हूँ, जहां हम आराम से बात चित कर सकते हैं।"
रीता उसकी बातों में आ गई और उसकी नई कार में बैठकर शहर से दूर बने उसके फार्म हाउस की तरफ चल दी। उसे लगा कि वो एक खूबसूरत रात बिताने जा रही है, पर उसे नहीं पता था कि वो एक बहुत बड़े खतरे की तरफ जा रही है।
2. फार्महाउस पर बहन का इंतजार
जतिन जैसे ही रीता को लेकर अपने सुनसान फार्महाउस पर पहुंचा, वहां रीता के लिए एक और बड़ा सरप्राइज इंतजार कर रहा था।
उस फार्म हाउस पर जतिन की सगी बहन अंजलि पहले से मौजूद थी। वो काफी समय से वहीं रह रही थी और दुनिया से बिल्कुल अलग-थलग हो गई थी। उसकी आंखों में भी एक अजीब सी बेचैनी और गुस्सा था। वो बेसब्री से अपने भाई का इंतजार कर रही थी।
रीता ने जब अंजलि को वहां देखा तो वो थोड़ी घबरा गई। उसे समझ नहीं आया कि इस सुनसान फार्म हाउस में ये दूसरी लड़की कौन है। जतिन ने कहा कि ये मेरी बहन है, यहीं रहती है। लेकिन अंजलि के चेहरे पर कोई मुस्कान नहीं थी, बल्कि एक अजीब सा सन्नाटा था।
यहीं से पता चलता है कि इस पूरे खतरनाक खेल में जतिन अकेला नहीं था, बल्कि उसकी बहन अंजलि भी इस कहानी का एक बड़ा हिस्सा थी। दोनों भाई-बहन मिलकर इस अंधेरे रास्ते पर चल रहे थे।
3. बचपन की वो खौफनाक आदत
अब सवाल ये उठता है कि ये दोनों भाई-बहन ऐसे क्यों बन गए?
इन दोनों की ऐसी हालत के पीछे इनके बचपन का एक बहुत बड़ा राज था। इनके पिता एक बेहद अजीब और गुस्से वाले इंसान थे। उनका सोचने का तरीका बिल्कुल अलग था।
उन्होंने बचपन से ही इन दोनों बच्चों को गलत माहौल में बड़ा किया था। वो उन्हें ऐसी अजीब और सेहत के लिए हानिकारक चीजें देते थे, जो किसी भी बच्चे को नहीं देनी चाहिए। वो हमेशा कुछ अजीब रीति-रिवाजों का पालन करते थे, जिसका असर इन दोनों बच्चों के दिमाग पर बहुत गहरा पड़ा।
बचपन में मिली इसी गलत परवरिश की वजह से इन दोनों के मन में एक अजीब सी बेचैनी और सनक पैदा हो गई थी।
एक दिन अचानक इनके पिता की मौत हो गई। पिता के जाने के बाद जब उन्हें वो अजीब चीजें मिलनी बंद हो गईं, तो उनके अंदर की वो बेचैनी और बढ़ गई। उस बेचैनी को शांत करने के लिए उन्होंने गलत रास्ता चुन लिया और धीरे-धीरे वो एक बहुत ही खतरनाक आदत के शिकार हो गए। इसी आदत ने उन्हें एक खतरनाक रास्ते पर ला खड़ा किया था।
4. फार्महाउस के अंदर का खौफनाक सच
फार्म हाउस के अंदर ले जाने के बाद जतिन और अंजलि का व्यवहार पूरी तरह बदल गया।
उन्होंने रीता को एक कमरे में बंद कर दिया और उसे बहुत डराया-धमकाया। उस सुनसान जगह पर रीता खुद को बिल्कुल अकेला महसूस कर रही थी और वहां से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं था। दोनों भाई-बहन ने उसके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया। वो रात रीता के लिए सबसे काली और मनहूस रात बन गई।
इस घटना के बाद रीता की जिंदगी में एक बहुत बड़ा और दुखद मोड़ आया।
5. सबूत मिटाने की कोशिश
ये दोनों भाई-बहन अपने किए को छुपाने में बहुत चालाक थे।
अपनी गलती को छुपाने के लिए वो हर सबूत को मिटाने की कोशिश करते थे। बताया जाता है कि वो अपने फार्म हाउस में ही सारे सबूतों को जलाकर राख कर देते थे ताकि किसी को कुछ भी पता न चले। राख को पूरी तरह खत्म करने के लिए जतिन रात के अंधेरे में एक छोटी नाव लेकर समंदर के बीचो-बीच जाता था और उस राख को पानी में बहा देता था।
इस तरह उन्हें लगता था कि उन्होंने अपने सारे निशान मिटा दिए हैं और अब किसी को कभी पता नहीं चलेगा कि वो लड़की कहां गायब हो गई। समंदर उस राख के साथ उनके राज को भी अपने अंदर समा लेता था।
लेकिन उन्हें नहीं पता था कि पाप कितना भी छुपा लो, एक दिन वो सामने आ ही जाता है।
आगे क्या होगा?
रीता की कहानी खत्म हो चुकी थी और समंदर ने सारे सबूत छुपा लिए थे। लेकिन इस बार, अंधेरे में कोई था जो बोट से राख बहाते हुए जतिन को चुपचाप देख रहा था! कौन है वो रहस्यमयी साया? क्या वो कोई पुलिस वाला है या जतिन से भी बड़ा कोई शिकारी?
ये राज खुलेगा Part 3 में।
पार्ट 1 अगर नहीं पड़ा हो तो अभी पड़े यहां क्लिक करके
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