श्मशान में आत्माओं की घोषा (Part 1): 3 KM दूर 350 साल बाद खुला दरवाज़ा! | Hindi Suspense Story
श्मशान में आत्माओं की घोषा भाग 1
रघु: एक आम पेंटर ठेकेदार
| सड़क |
कभी-कभी एक पल की जल्दबाजी इंसान की पूरी जिंदगी बदल देती है. यह कहानी है रघु की, जो महज़ 24 साल की उम्र में एक ऐसी खौफनाक मुसीबत में फंस गया जिसका अंदाज़ा उसे सपने में भी नहीं था.
रघु एक सीधा-सादा 24 साल का लड़का है, जो गांव में पेंटिंग कॉन्ट्रैक्टर (ठेकेदार) का काम करता है. दिन भर लेबर से काम करवाना और साइड संभालना ही उसकी जिंदगी थी. उस रात भी उसे काम ख़त्म करते-करते काफी देर हो गई थी.
वो सुनसान 4 किलोमीटर की सड़क
रघु अपने काम से निकलकर घर की तरफ बढ़ रहा था. रास्ते में वो मशहूर सुनसान सड़क आती है जो कुल 4 किलोमीटर लंबी है. रात के 12 बज चुके थे और चारों तरफ सन्नाटा था. रघु अपनी बजाज पल्सर 125 पर सवार होकर घर की तरफ तेज़ी से जा रहा था.
हर 350 साल में खुलने वाला राज़
रघु को इस बात की कानों-कान खबर नहीं थी कि जिस सड़क पर वो चल रहा है, वहां ठीक 3 किलोमीटर की दूरी पर एक सदियों पुराना राज़ दफन है. हर 350 साल में, उस जगह पर सड़क के बीचों-बीच एक छोटा सा गुप्त दरवाज़ा खुलता है—और वो भी सिर्फ़ 3 सेकंड के लिए! और आज, ठीक 350 साल बाद, वो वक़्त आ गया था.
अचानक वो सफेद कुत्ता
रघु जैसे ही उस 3 किलोमीटर वाले पॉइंट पर पहुंचा, अचानक उसकी हेडलाइट की रौशनी में एक अजीब सा, चमचमाता सफेद कुत्ता सामने आ गया. सन्नाटे को चीरती हुई रघु की गाड़ी की रफ़्तार तेज़ थी, और कुत्ते को बचाने के लिए उसके पास सोचने का वक़्त नहीं था. उसकी गाड़ी डगडगमाई और हैंडल से उसका कंट्रोल हट गया
उसने उस सफेद कुत्ते को बचाने की पूरी कोशिश की गाड़ी उस कुत्ते से ना टकराए वो सफेद कुत्ता था ही इतना अजीब की उसे देख कर एक तरफ डर भी लग रहा था मगर उसे बचाना भी जरूरी था
वो आख़िरी ब्रेक और स्लिप
कुत्ते को सामने देखकर रघु घबरा गया. उसने तुरंत अपनी Pulsar 125 का सामने वाला break पूरी ताक़त से खींच दिया. गाड़ी एक झटके से रुकी, पिछला पहिया हवा में उठा और रघु का बैलेंस पूरी तरह बिगड़ गया. वो गाड़ी से सीधा आगे की तरफ गिरा.
ठीक उसी पल, ठीक उसी जगह पर, सड़क का वो गुप्त दरवाज़ा 350 साल बाद खुल रहा था. रघु का break मारना, गाड़ी से slip होना और आगे की तरफ गिरना—यह सब ठीक उस खुलते हुए दरवाज़े के ऊपर हुआ.
रघु सीधा उस छोटे से गुप्त दरवाज़े के अंदर जा गिरा. उसे समझ ही नहीं आया कि वो ज़मीन पर गिरा है या किसी गहरे कुएं में समा रहा है. चारों तरफ बस अंधेरा और एक अजीब सी थरथराहट थी. एक घबराहट थी उस अंधेरे में एक मायूसी एक उदासी , थी
दरवाज़ा बंद: दुनिया से कट गया रघु
दरवाज़े के खुलने के 3 सेकंड पूरे हो चुके थे. जैसे ही रघु अंदर गिरा, वो दरवाज़ा एक ज़ोरदार आवाज़ के साथ बंद हो गया. सड़क फिर से एक आम सुनसान सड़क की तरह दिखने लगी. सफेद कुत्ता गायब हो चुका था, रघु की पल्सर सड़क पर खाली पड़ी थी और रघु इस दुनिया से गायब होकर उस राज़ के अंदर कैद हो चुका था...
[भाग 2 जल्दी ही आएगा, जानने के लिए जुड़े रहें!]
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