मैना नगर मैदान की गुप्त प्रेम कहानी: 16 से 18
| punarjanam |
Part 1: The Championship Dance
मैना नगर... एक ऐसा छोटा और शांत शहर, जहां की हवाओं में एक अलग ही सुकून था।
इसी शहर के एक कोने में स्थित था वो पुराना क्रिकेट मैदान, जिसकी ज़मीन सूखी थी और घास बिखरी हुई थी। लेकिन मैना नगर के लड़कों के लिए ये जगह किसी बड़े स्टेडियम से कम नहीं थी।
लड़का जिसका नाम तेजस था, उसकी उम्र 16 साल थी। इसी मैदान पर आज एक बड़ा मुकाबला चल रहा था।
आज मैना नगर के इस मैदान पर क्रिकेट मैच का आखिरी दिन था। मैच बहुत ही रोमांचक मोड़ पर था, लेकिन तेजस ने अपने ज़बरदस्त खेल से अपनी टीम को एक शानदार जीत दिला दी।
इस धमाकेदार जीत के बाद तेजस को सबसे बेहतरीन खिलाड़ी
| Man of the match |
की ट्रॉफी मिली। अपनी इस कामयाबी की खुशी में तेजस मैदान के बीचों-बीच ट्रॉफी लेकर पूरे जोश के साथ नाच रहा था। उसके दोस्त चारों तरफ से तालियां बजा रहे थे और शोर मचा रहे थे।
उसी वक्त, ज़ैंड्रा नाम की एक लड़की, जिसकी उम्र भी ठीक तेजस जितनी ही यानी 16 साल थी, उस मैदान तक आती है। उसकी नज़रें जैसे ही ट्रॉफी हाथ में लेकर झूमते हुए तेजस पर पड़ती हैं, वो उसे देखती ही रह जाती है।
तेजस का वो बेफ़िक्र और खुशी से भरा डांस देखकर ज़ैंड्रा का दिल उस पर पूरी तरह फ़िदा हो जाता है। ज़ैंड्रा के दिल में तेजस के लिए एक बेहद खूबसूरत एहसास जाग उठता है और वो उससे एकतरफा प्यार करने लगती है।
Part 2: The Secret Valentine's Vow
इसके बाद से ज़ैंड्रा का एक रोज़ का नियम बन गया। अब जब भी उस पुराने क्रिकेट मैदान में कोई मैच होता, ज़ैंड्रा वहां सही वक्त पर पहुंच जाती।
वो चुपचाप एक कोने में बैठती और तेजस को खेलते हुए देख-देखकर धीरे से मुस्कुराने और हंसने लगती। तेजस भी मैदान से उसे नोटिस करने लगा था।
ज़ैंड्रा की वो मासूम हंसी और हर मैच में उसकी मौजूदगी ने धीरे-धीरे दोनों के दिलों को करीब ला दिया। इस तरह उन दोनों के बीच प्यार की एक मखमली शुरुआत होने लगी।
वक्त गुज़रता गया और आखिरकार प्यार के खास दिन यानी वैलेंटाइन डे का दिन आया। ज़ैंड्रा ने आज अपने दिल की बात कहने की पूरी हिम्मत जुटा ली थी। वो मैदान पर सीधे तेजस के पास जाकर खड़ी हो गई। दोनों के दिल याराना धड़कनों से तेज़ी से धड़क रहे थे।
ज़ैंड्रा (थोड़ा शर्माते हुए, पर सीधे तेजस की आंखों में देखकर): "तेजस... सच कहूं तो जब तुम सामने नहीं होते, तो मुझे बहुत अकेलापन महसूस होता है। मेरा दिल कहीं नहीं लगता। क्या तुम... मेरे जीवन के सबसे खास इंसान बनोगे?"
तेजस (हैरान होते हुए, चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान के साथ): "ज़ैंड्रा, ये सुनकर बहुत अच्छा लगा... पर एक बात बताओ, कब तक के लिए?"
ज़ैंड्रा (तेजस का हाथ धीरे से थामकर, एक दम सच्चे अंदाज़ में): "सिर्फ आज के लिए नहीं तेजस... पूरी ज़िंदगी भर के लिए।"
तेजस (उसकी उंगलियों को कसकर पकड़ते हुए, थोड़ा संजीदा होकर): "सोच लो... बीच राह में मुझे छोड़कर तुम जुदा तो नहीं हो जाओगी ना? मैं तुम्हारा साथ कभी नहीं छोड़ूंगा।"
ज़ैंड्रा (मुस्कुराते हुए, आँखों में आंसू लिए): "कभी नहीं! मैं अपनी आखिरी सांस तक तुम्हारे साथ निभाने और कभी जुदा ना होने का वादा करती हूं।"
| That valantines day |
इस खूबसूरत और सच्चे वादे के साथ ही मैना नगर के उस पुराने क्रिकेट मैदान पर उन दोनों की प्यार की असल कहानी शुरू हो गई।
Part 3: Distance and Destined Memories
दिन, हफ्ते trends और महीने बीतते गए। अब दोनों 16 साल की नादान उम्र से निकलकर 18 साल के हो चुके थे।
इन दो सालों में ज़ैंड्रा और तेजस का प्यार अब बहुत गहरा हो चुका था। वो दोनों एक-एक पल साथ बिताते थे और एक-दूसरे से जुदा होने की कल्पना भी नहीं कर सकते थे। दोनों की ज़िंदगी बहुत ही रोमांचक और खुशियों से गुज़र रही थी।
पर कहते हैं ना कि हर बड़ी प्रेम कहानी का एक इम्तिहान होता है। अचानक तेजस को अमेरिका में एक साल के काम का बड़ा मौका मिल गया, जिसके कारण उसे 1 महीने की शुरुआती ट्रेनिंग के लिए अमेरिका जाना तय हुआ।
18 साल की इस उम्र में अचानक आई इस दूरी और जुदा होने की बात से दोनों के दिलों को बहुत गहरी चोट पहुंची। ज़ैंड्रा का रो-रोकर बुरा हाल था और तेजस भी अंदर से पूरी तरह टूट चुका था।
लेकिन इस गहरे सदमे और जुदा होने के दर्द ने एक जादुई चमत्कार कर दिया। इस जुदाई की तड़प और एक-दूसरे से जुदा होने के डर के कारण उन दोनों को अचानक सोते-जागते अपने पिछले जनम की यादें आने लगीं!
उन्हें साफ-साफ एहसास हुआ कि उनका ये रिश्ता सिर्फ इस जनम का नहीं है, बल्कि वो पिछले जन्म में भी एक-दूसरे के ही थे और अपनी कहानी अधूरी छोड़ आए थे।
इस प्राचीन सच को जानने के बाद दोनों के दिलों में एक-दूसरे से मिलने की बेसब्री और तड़प कई गुना बढ़ गई। दोनों ने एक-एक दिन गिनकर उस 1 महीने की जुदाई के कटने का इंतज़ार किया।
Part 4: The Ultimate Reunion
आखिरकार इंतज़ार की घड़ियां खत्म हुईं और तेजस अमेरिका से अपनी ट्रेनिंग पूरी करके मैना नगर वापस लौट आया।
जैसे ही दोनों ने एक-दूसरे को मैदान के उसी कोने पर देखा, ज़ैंड्रा अपने आंसू रोक नहीं पाई। वो दौड़कर तेजस के पास आई और दोनों एक-दूसरे से कसकर लिपट गए। दोनों ने एक-दूसरे की बाहों में रोते हुए इतने दिनों की जुदाई का अपना दुख, तड़प और पिछले जनम का वो गहरा अहसास एक-दूसरे के सामने ज़ाहिर किया।
| Raghu aur rajyasa ka anthim mila tejas aur zandra ke janam me |
ये रघु और राज्यसा की सदियों पुरानी रूहानी प्रेम कहानी का अंतिम भाग था, जिन्होंने नए जन्म में तेजस और ज़ैंड्रा के रूप में आकर अपना मिलन पूरा किया।
अब वो दोनों कभी भी, किसी भी कीमत पर एक-दूसरे से जुदा नहीं होना चाहते थे। दोनों ने पूरी हिम्मत दिखाई, अपने-अपने घरों में बात की और अपने माता-पिता और पूरे परिवार को अपने इस सच्चे और पुराने जन्मों के प्यार के बारे में बताया।
घरवाले भी उनके इस अटूट रिश्ते के आगे झुक गए। सबने खुश होकर अपनी मंज़ूरी दी और धूमधाम से उन दोनों की शादी करा दी।
इस तरह, मैना नगर के उस पुराने क्रिकेट मैदान से शुरू हुई 16 साल की वो नादान सी दिखने वाली मोहब्बत, पिछले जनम के पवित्र सच और शादी के खूबसूरत बंधन के साथ हमेशा-हमेशा के लिए अमर हो गई।
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